शाहगढ़ की कु. इंशिता जैन द्वारा रचित पुस्तक का हुआ विमोचन।

 

शाहगढ़ की कु. इंशिता जैन द्वारा रचित पुस्तक का हुआ विमोचन।

 

शाहगढ़। आचार्य श्री 108 विशुद्ध सागर जी महाराज के परम प्रभावक शिष्य मुनि श्री समत्व सागर जी महाराज एवं मुनि श्री शील सागर जी महाराज द्वारा शाहगढ़ निवासी कु. इशिता जैन पिता इन्द्रकुमार जैन एडव्होकेट के द्वारा रचित एवं लिखित पुस्तक 'एन्क्रिप्टेड शैडो" का विमोचन किया, कु. इंशिता जैन ने परिवार सहित द्वय मुनि श्री से आशीर्वाद गृहण किया। कु. इंशिता जैन ने इन्दौर में लॉ कॉलेज से एल.एल.बी. कर रहीं है जिनका 5 ईयर में अंतिम वर्ष है। इन्होंने एन्क्रिप्टेड शैडो नामक पुस्तक की रचना की है। जिसका प्रकाशन Flipcart एवं विभिन्न Amezon पर बिकी हेतु उपलब्ध भी है। कु इंशिता ने बताया कि इस पुस्तक का संपूर्ण सार यह है कि क्योंकि भरोसे पर बनी दुनिया में, धोखा ही एकमात्र सच है जिस पर आप भरोसा कर सकते हैं। किसी पर भरोसा मत करो। कोई नाम नहीं, कोई सिग्नेचर नहीं, बस एक चेतावनी जो शांत धमकी में छिपी थी। बाहर शहर की चमक फीकी पड़ गई, और मशीनों की आवाज धीमी होकर फुसफुसाहट में बदल गई, जैसे दुनिया खुद अपनी सांस रोके हुए हो। मुस्कुराहटों और फुसफुसाती दोस्ती के नीचे, परछाइयाँ सावधान, चौकन्नी और सब्र से चल रही थीं। राज जाल की तरह उलझे हुए थे, आर्या को एक ऐसे खेल में और गहराई तक खींच रहे थे जिसे खेलने के लिए वह कभी राजी नहीं हुई थी। हर नजर, हर शब्द का एक छिपा हुआ मतलब था। दोस्ती रातों-रात टूट गई। सच धोखे में धुंधला गया। इस तरह से उक्त पुस्तिका की रचना की गई जिसका विमोचन किया गया। समस्त जनप्रतिनिधियों, अधिवक्ताओं एवं विशिष्ट जनों द्वारा उक्त पुस्तक की सराहना की