शाहगढ़ में यूरिया खाद का रेट बनाया तीन सौ से साढ़े तीन सौ रुपए।  कूपन के लिए किसानों की घंटों बाद भी लगी रही कतार। 

शाहगढ़ में यूरिया खाद का रेट बनाया तीन सौ से साढ़े तीन सौ रुपए। 
कूपन के लिए किसानों की घंटों बाद भी लगी रही कतार। 

 

शाहगढ़। सोमवार को मंडी परिसर में खाद लेने के लिए किसानों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। कतार में लगे घंटों इंतजार के बाद भी कई किसानों को खाद नहीं मिल सकी, जिससे उनमें नाराजगी देखी गई। किसान सुबह से ही लंबी कतारों में खड़े थे, लेकिन कई किसानों को खाली हाथ लौटना पड़ा।किसानों ने आरोप लगाया है कि गोदाम प्रभारी सरकारी  दर से अधिक कीमत पर खाद बेच रहे हैं। उनके अनुसार, तीन बोरी यूरिया पर राख फास्पेट की बोरी अनिवार्य की गई अन्यथा की स्थिति में एक बोरी खाद तीन सौ से चार सौ रुपए तक में बेची जा रही है, जिससे किसानों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ रहा है।
भीड़ में मौजूद एक किसान ने बताया, 'हम सुबह से लाइन में खड़े हैं। हमे मात्र दो बोरी यूरिया जो हमारी फसल को सख्त जरूरत है, इसलिए हमें भूखे-प्यासे इंतजार करना पड़ रहा है।
किसानों ने खाद की कमी और कालाबाजारी की आशंका पर नाराजगी व्यक्त की है। उन्होंने प्रशासन से खाद की उपलब्धता बढ़ाने और अधिक दाम वसूलने बालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की मांग की है, ताकि उन्हें उचित मूल्य पर खाद मिल सके। कृषि उपज मंडी परिसर में अत्यधिक भीड़ के कारण अव्यवस्था का माहौल बना रहा।
मौके पर कोई ठोस प्रशासनिक व्यवस्था नहीं दिखी, जिससे किसानों को और अधिक परेशानी का सामना करना पड़ा। विभागीय अधिकारियों के अनुसार 
आधार की फोटो कॉपी लेकर 275/ रुपए प्रति बोरी के रेट से किसान को यूरिया देने के निर्देश दिए गए थे, लेकिन शिकायत मिल रही हैं, जांच करते हैं ।