शाहगढ़ लोक अदालत में 37 केस में हुआ समझौता।
न्यायाधीश ने 74 पक्षकारों को बांटे पौधे ।
शाहगढ़ ।शनिवार को न्यायालय परिसर में राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया गया। न्यायाधीश मानवेंद्र सिंह ने सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण व दीप प्रज्जवलित कर विधिवत शुभारंभ किया। इस अवसर पर न्यायाधीश सिंह ने कहा कि समय के साथ सुधार आएगा। तभी तो जीवन में निखार आएगा। लोक अदालत के माध्यम से संबंधों में सुधार लाने का स्वर्णिम समय है। यदि हम बिगड़े संबंधों को सुधार कर विवादों को आपसी सहमति से निपटाते हैं तो इसमें दोनो पक्षों में से किसी को जीत और ना ही किसी की हार होगी। दोनो पक्षों में सौहार्द व विश्वास का रिश्ता बनता है और विवाद के निपटारे से समय और धन की भी बचत होती है।
....37 केस में सुलह ,न्यायाधीश ने उपहार में दिए पौधे....
शनिवार को न्यायालय परिसर शाहगढ़ में आयोजित नेशनल लोक अदालत में पक्षकारों के बीच हुए आपसी समझौते के बाद, न्यायाधीश मानवेंद्र सिंह ने अनूठी पहल की है। नेशनल लोक अदालत में भरण पोषण, पति पत्नि सहित अपराधिक रखें गए 37 से अधिक मामले निपटाए गए। समझौते के बाद, न्यायाधीश ने पक्षकारों को "पर्यावरण संरक्षण" का संदेश देते हुए उपहार स्वरूप पौधे भेंट किए।
इस पहल का मुख्य उद्देश्य आपसी विवादों को खत्म कर समाज में भाईचारा बढ़ाना और पर्यावरण के प्रति जागरूकता फैलाना है। लोक अदालत में राजीनामा के बाद 74 पक्षकारों को पौधे देकर सुखद भविष्य की न्यायाधीश महोदय ने कामना की गई।सुलह कराने में रीडर दीपक ज्योतिषी, सिविल रीडर चंदन दुबे, संजय जाटव, बबलू, पूनम विश्वकर्मा, अतुल खटीक, मुकेश कुशवाहा, शैलेश गुजासिया, मुंशी लक्ष्मी यादव आदि अधिवक्ताओं का सराहनीय योगदान रहा।
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