ग्राम सुधार समिति का अभियान शुरू। प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने सशक्त और जागरूक करने गांव तक पहुंची संस्था। किसानों ने जैविक खेती करने लिया संकल्प।


ग्राम सुधार समिति का अभियान शुरू।
प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने सशक्त और जागरूक करने गांव तक पहुंची संस्था।
किसानों ने जैविक खेती करने लिया संकल्प।


शाहगढ़।ग्राम सुधार समिति और जी आई जेड के संयुक्त प्रयास सतत कृषि और ग्रामीण सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए बुंदेलखंड क्षेत्र के शाहगढ़ ब्लॉक के गावों में कृषि पद्धतियों में सकारात्मक परिवर्तन लाने अभियान शुरू किया।संस्था के सी ई ओ सार्थक त्यागी ने बताया कि अभियान से किसानों को जागरूक करना और प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देना है, गावों में जाकर किसानों को कीटनाशक मुक्त खेती अपनाने के लिए प्रेरित भी किया जा रहा है उन्होंने किसानों को बताया कि रासायनिक इनपुट पर निर्भरता कम करके यह पहल मिट्टी की सेहत सुधारने, फसलों की गुणवत्ता बढ़ाने और पर्यावरणीय स्थिरता सुनिश्चित करने का लक्ष्य रखती है।गौरव कुमार पद टीम लीडर द्वारा किसानों को प्राकृतिक खेती की विभिन्न तकनीकों पर व्यापक प्रशिक्षण दिया जा रहा है, जिसमें जैविक इनपुट, जैव उर्वरक तथा पारंपरिक कृषि ज्ञान का उपयोग शामिल है। ये क्षमता निर्माण गतिविधियाँ किसानों को कम लागत में पर्यावरण के अनुकूल खेती अपनाने में सक्षम बना रही हैं, साथ ही उनकी उत्पादकता और आय में भी सुधार हो रहा है।प्रमोद आर्य पद ब्लॉक फैसिलिटेटर ने बताया कि अभियान से किसान उत्पादक संगठनों को मजबूत भी बनाना है। ग्राम सुधार समिति इन कृषक उत्पादक संगठन के साथ मिलकर गुणवत्ता प्रबंधन, खरीद प्रणाली (प्रोक्योरमेंट) और बाजार संपर्क (मार्केट लिंकज) के क्षेत्र में उनकी क्षमता बढ़ाने का कार्य कर रही है। संरचित प्रशिक्षण और निरंतर मार्गदर्शन के माध्यम से कृषक उत्पादक संगठन को इस योग्य बनाया जा रहा है कि वे उत्पादन का प्रभावी संकलन कर सकें, गुणवत्ता मानकों को बनाए रखें और सीधे बेहतर बाजारों से जुड़ सकें, जिससे किसानों को उचित मूल्य मिल सके।
आगामी समय में संस्था गेहूं की खरीद के लिए समर्पित क्रय केंद्र स्थापित करने की दिशा में भी कार्य कर रही है। यह कदम खरीद प्रक्रिया को और अधिक सरल बनाएगा, बिचौलियों की भूमिका को कम करेगा और किसानों को अपनी उपज को प्रतिस्पर्धी कीमतों पर बेचने के लिए एक विश्वसनीय मंच प्रदान करेगा।

ग्राम सुधार समिति और जी आई जेड के संयुक्त प्रयास न केवल सतत कृषि को बढ़ावा दे रहे हैं, बल्कि ग्रामीण आजीविका को भी सुदृढ़ कर रहे हैं। प्राकृतिक खेती को मजबूत बाजार प्रणाली के साथ जोड़कर यह पहल क्षेत्र में समावेशी और पर्यावरण के अनुकूल कृषि विकास का एक उत्कृष्ट मॉडल प्रस्तुत कर रही है।
स्थानीय किसानों ने भी सकारात्मक प्रतिक्रिया व्यक्त की है और फसल की गुणवत्ता में सुधार तथा लागत में कमी को इसकी प्रमुख उपलब्धियों के रूप में बताया है। जैसे-जैसे यह पहल आगे बढ़ रही है, यह बुंदेलखंड क्षेत्र में एक सशक्त और आत्मनिर्भर कृषि प्रणाली के निर्माण की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।
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